पत्थरों पर उसका नाम न लिख
सदियों का प्रेम बदनाम न लिख
दिल का दर्द बयाँ करने के लिए
शौक तेरा उसका जाम न लिख
मंजिल है तेरी तारों के उस पार
सफर में अपने ,,आराम न लिख
कुदरत से पाया ,,,अदा कर उसे
जिंदगी में अपनी हराम न लिख
शब्दों को जोड़ता ,,,,,जय नादान
दिल को न लगे ,,कलाम न लिख
"जय कुमार"
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