Tuesday, 28 March 2017

मनोहर  थारी मुरली मीठा  राग सुनाये ।
मोहन मारो मन तोहे देख देख मुस्काये ।
थारी  दीवानी  मैं  हो  गई  कान्हा  मोरे ,
मनमोहन  थारी मूरत  मनईं  में  वसाये ।।

"जय कुमार"

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