चलो मिल बैठकर हम बात करते है |
पहली सी इक मुलाकात करते है |
बहुत हो चुका गलतफहमी का दौर ,
चलो फिर इक नई शुरूवात करते है ||
तूफानों का मौसम हम भुला देंगे |
प्रीत को प्रीत से फिर हम मिला देंगें |
वागवान बन जायेगें अब जिंदगी के ,
जिंदगी में नये हम फूल खिला देंगे ||
"जय कुमार "
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