कहीं मिले कहीं फरियाद से रहे | जखम वो गहरे आबाद से रहे ||
मिलन की तमन्ना जिंदा रही दिल में भूले बिसरे ख्वाव याद से रहे |
यूँ तो सबकुछ पाया जिन्दगी से , बिन उसके हरपल बर्बाद से रहे ||
"जय कुमार"10/10/15
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