Sunday, 9 October 2016

कहीं   मिले  कहीं  फरियाद  से  रहे |
जखम  वो   गहरे   आबाद   से  रहे ||

मिलन की तमन्ना जिंदा रही दिल में
भूले   बिसरे   ख्वाव    याद  से   रहे |

यूँ  तो  सबकुछ  पाया   जिन्दगी  से ,
बिन  उसके  हरपल  बर्बाद  से  रहे ||

"जय कुमार"10/10/15

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