Friday, 5 August 2016

हौंसलों को पर ,,दिया करो !
कभी अपने को जिया करो !!

जिंदगी सम्मान , से हो गर ,
थोड़ी थोड़ी ही , पिया करो !

रंज पाले है ,,,,,,,खूब दिल में ,
बेवजह ही हँस , लिया करो !

सुकूं मिले दिल को जिससे ,
काम वो भी कर लिया करो !

चिराग अँधेरे से हारते नहीं ,
एक चिराग जला लिया करो !

मौसम की रवानी को देखके ,
बूँदों में ही भीग ,, लिया करो !

दिल न दे गवाही ,,, यार वो ,
काम हरगिज न किया करो !

इस रंग बदलती ,,दुनिया में ,
एक पहचान बना लिया करो !

इश्क याद आये ,,महफिल में ,
अपने अश्क छुपा लिया करो !

मुहब्बत की गैरत ,,मर जाये ,
जज्जवात दबा ,,, लिया करो !

गुलशन को हो जरुरत तेरी ,
हँसते हुए कुर्बानी दिया करो !

सारे गमों को कह अलविदा ,
जिंदा दिली से ,,,,,जिया करो !!

"जय कुमार" 06/08/14

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