Monday, 22 August 2016

धरती की कहानी आशमान ,,सुनाने लगता है !
जीत लेता खुदको खार पुष्प खिलाने लगता है !
भंवर को चुनौती दे ,,,,,,, खड़ा रहता हूँ राह पर ,
लहरें हार जाती साहिल ,,,,,,,,, बुलाने लगता है !!

"जय कुमार" 23/08/16

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