काव्यमित्र परिवार के समस्त सदस्यों को
सादर नमन !!
"याद" बिषय पर मेरा
रोला छंद में पहला प्रयास
सादर नमन के साथ !!
पल पल पीछे जात , अब आगे कुछ ना बचा |
याद करे फरियाद , देखो पीछे जो रचा |
निकल चुका हूँ दूर , अब याद कुछ भी न रहा |
भूल गया हर बात , माँ का साथ याद रहा ||
"जय कुमार "
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