Tuesday, 30 August 2016

काव्यमित्र परिवार के समस्त सदस्यों को
सादर नमन !!
"याद" बिषय पर मेरा
रोला छंद  में पहला प्रयास
सादर नमन के साथ !!

पल पल पीछे जात ,  अब आगे  कुछ ना  बचा |
याद   करे   फरियाद  ,  देखो   पीछे   जो  रचा |
निकल चुका हूँ दूर ,  अब याद कुछ भी न रहा |
भूल  गया हर  बात ,  माँ  का  साथ  याद  रहा ||

"जय कुमार "

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