भीष्म लेटे हुए मजबूरी की शय्या है अर्जुन को राह दिखाता इक कन्हैया है राष्ट धर्म कर्म पथ पर चलते रहे उनके रिस्ते नातों संबंधो की डूबती नैया है
"जय कुमार "
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