अंत आरंभ
चलता काल चक्र
आरंभ अंत
मृग सी तृष्णा
जीवन पर्यँत हो
जीवन जिया
काम लोभ में
घुटता रहा जीव
माया मद में
सृष्टि का अंग
कार्य किया प्रकृति
जीव उत्पत्ति
"जय कुमार"8/11/14
जीवन पर्यँत हो
जीवन जिया
काम लोभ में
घुटता रहा जीव
माया मद में
सृष्टि का अंग
कार्य किया प्रकृति
जीव उत्पत्ति
"जय कुमार"8/11/14
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