Mere Bhav
Wednesday, 5 November 2014
जमाना दौड़ता
जमाना दौड़ता मैं झपटता अकेला ।
दौर निकल गये मैं अटकता अकेला ।
हिज्र और तन्हाई ने दोस्ती करली ,
तुझ से मिलने मैं तड़पता अकेला ।।
"जय कुमार"1/11/14
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