अक्सर तस्वीर में हम खुदको खोजते रहे ।
कोरे कागज के खत हम तुझको भेजते रहे ।
जज्वात वयाँ ना कर पाये मुद्दतोँ बाद भी ,
कदमों के तेरे निशान अब तक नापते रहे ।।
कोरे कागज के खत हम तुझको भेजते रहे ।
जज्वात वयाँ ना कर पाये मुद्दतोँ बाद भी ,
कदमों के तेरे निशान अब तक नापते रहे ।।
"जय कुमार"4/11/14
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