गमों के हवाले ,,,,,,सौंप गया वो !
पीठ पर छुरा,,,,,,,, खौंप गया वो !
बहता रहा आग के ,,, दरिया में ,
मेरी रुह का गला घौंट गया वो !!
पीठ पर छुरा,,,,,,,, खौंप गया वो !
बहता रहा आग के ,,, दरिया में ,
मेरी रुह का गला घौंट गया वो !!
"जय कुमार"5/11/14
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