
अल्फाज लिखता हूँ ।
अहसास लिखता हूँ ।
देखके चेहरा खुदका ,
आसपास लिखता हूँ ।
आसपास लिखता हूँ ।
पतझड़ की गर्मी में ,
मधुमास लिखता हूँ ।
मधुमास लिखता हूँ ।
धरती पर रहकर मैं ,
आकाश लिखता हूँ ।
आकाश लिखता हूँ ।
तपती रेत बीच रह ,
बरसात लिखता हूँ ।
बरसात लिखता हूँ ।
तम के घनेरे जंगल ,
प्रकाश लिखता हूँ ।
प्रकाश लिखता हूँ ।
दिल देता गवाह जो ,
हर बात लिखता हुँ ।
हर बात लिखता हुँ ।
हँसकर निकल जाये ,
ऐसी रात लिखता हूँ ।
ऐसी रात लिखता हूँ ।
जुड़ जाये टूटे रिश्ते ,
मुलाकात लिखता हूँ ।
मुलाकात लिखता हूँ ।
सुकून दे दिल को जो ,
वही मात लिखता हूँ ।
वही मात लिखता हूँ ।
"जय कुमार"29/03/15
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