Sunday, 29 March 2015

हर बार ही तुम

हर बार ही तुम अपनी
चाल बदल देते हो ।
हालात जैसे भी हो तुम
हाल बदल देते हो ।।
असली हो या नकली हो
चोखा हो या खोटा हो
हम रुठ अगर जाये
तुम माल बदल देते हो ।
हर बार ही तुम अपनी
चाल बदल देते हो . . .
उल्टा हो या सीधा हो
आधा हो या पूरा हो
जैसा भी मैं गुनगुनाऊँ ,
तुम ताल बदल देते हो ।
हर बार ही तुम अपनी
चाल बदल देते हो . . .!
जीना है साथ तेरे अब
मरना है साथ तेरे अब
मैं बात जो करता हूँ
तुम बात बदल देते हो ।
हर बार ही तुम अपनी
चाल बदल देते हो . . .!
"जय कुमार"29/1/15

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