नीम चड़ी कड़वी बेल सी लगती हो तुम ।
घी के साथ कड़वे तेल सी लगती हो तुम ।
तुम्हारी अदाओं को अब कैसे बयाँ करें यारा ,
आजाद परिंदे को जेल सी लगती हो तुम ।।
घी के साथ कड़वे तेल सी लगती हो तुम ।
तुम्हारी अदाओं को अब कैसे बयाँ करें यारा ,
आजाद परिंदे को जेल सी लगती हो तुम ।।
"जय कुमार"18/2/15
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