Mere Bhav
Sunday, 29 March 2015
नींद आँखों से
नींद आँखों से बिछड़ जाती है ।
धड़कन दिल की रुक जाती है ।
वक्त ठहर जाता मैं खड़ा बुत ,
यादो में जब तेरी बात आती है ।।
"जय कुमार"25/2/15
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment