Saturday, 24 September 2016

नागों को  दूध  पिलाया  सिन्धु  का
सम्मान रखा  हमने  इक  बिन्दु का
तोड़ दे संधि भारत का सिरमौर  है
सच्चा  बेटा तू जो  हिन्द  हिन्दू  का

तीन सौ सत्तर का करदे नाश अब
दो  सौ  बहत्तर   हैं  तेरे  पास  अब
हिम  वादी  में  न रहे कोई  अड़चन
घाटी में  सारा  देश  करे  वास अब

वक्त  मील  के  पत्थर  बनने  का  है
भारत की अब धड़कन सुनने का है
तुझको   धागों   के   जोड़  तोड़कर 
इतिहास  फौलाद   से  बुनने  का  है

"जय कुमार "

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