नागों को दूध पिलाया सिन्धु का
सम्मान रखा हमने इक बिन्दु का
तोड़ दे संधि भारत का सिरमौर है
सच्चा बेटा तू जो हिन्द हिन्दू का
तीन सौ सत्तर का करदे नाश अब
दो सौ बहत्तर हैं तेरे पास अब
हिम वादी में न रहे कोई अड़चन
घाटी में सारा देश करे वास अब
वक्त मील के पत्थर बनने का है
भारत की अब धड़कन सुनने का है
तुझको धागों के जोड़ तोड़कर
इतिहास फौलाद से बुनने का है
"जय कुमार "
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