कछु तबाही तुमने देखी
कछु तबाही हमने देखी
फिर भी चैन परत नईंया
नौने काम करत नईंया
सैंतालीस के जख्मों खों
जले मुर्दो की भस्मों खों
उन्हे उखाड़ दर्द बड़ा रव
ऐसेअडुआ खूब अड़ा रव
पाछे की तें काय पड़त हे
आंगे काय बड़त नईंया
नौने काम करत नईंया
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कुण्डलवन की घाटी मोरी
महादेव की माटी मोरी
उलटी गंगा काय बहा रव
लहु से हमरे खूब नहा रव
पाक नाव कैने रख दव
नाव पे खरो उतरत नईंया
नौने काम करत नईंया
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गीदड़ की है जात तुमारी
हमसे भिड़हो मात तुमारी
सोय शेर खां तें जगा रव
आफत बैठे काय बुला रव
रगड़त हम तोखां ऐंसे हैं
भगतन गैल मिलत नईंया
नौने काम करत नईंया
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कछु तबाही तुमने देखी
कछु तबाही हमने देखी
फिर भी चैन परत नईंया
नौने काम करत नईंया
"जय कुमार "२४/०९/१६
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