Friday, 16 September 2016

चौपई छंद

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🌹शिल्प विधान :- चौपई छन्द🌹

(1) चार चरण का सम मात्रिक छंद

(2) प्रत्येक चरण में 15 मात्रा

(3) चारों चरणों में समतुकांत

(4) प्रत्येक चरण का अन्त गुरु लघु से

(5) चौपाई की लय पर लिखा जा सकता है अंत में गुरु लघु रखकर।

(6) आल्हा के सम चरण से भी चौपई छन्द बनता है।

उदाहरण चौपई छन्द 👇

(1) हाथीजी की लम्बी नाक, सिंहराज की बैठी धाक।
भालू ने पिटवाया ढाक, ताक धिना-धिन धिन-धिन ताक ॥

(2) बन्दर खाता काला जाम, खट्टा लगता कच्चा आम।
लिये सुमिरनी आठो याम, तोता जपता सीता - राम ॥

(3) पड़ी अचानक नदी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।
राणा ने सोचा इस पार, तबतक चेतक था उसपार॥

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