Thursday, 22 September 2016

पूरा    होगा   अपना   सपना  ,  पूरे   होगे  अब  अरमान |
घर  घुसकर  दहसतगर्दो  के , तोड़ेंगे   दुश्मन  का  मान ||

नालायक  पर  करो  चड़ाई  , दिल्ली  से  आया  फरमान |
मिला सुअवसर कुछ करने का , बाँध लेव साजो सामान ||

भारत  माँ के चरण  पखारें , अपना जन्म सफल हो जाय |
खून    के   बदले   खून   लेंगे , दुश्मन   को  छोड़ेगे  नाय ||

सिर पर कफन बाँधकर निकले , भारत माँ के वीर सपूत |
चले  हिमालय  की  चोटी पे , दिख  रहे   यमराज  के दूत ||

भारत  के   कोने   कोने  से , अपना  जलवा  रहे  दिखाय |
आका  के  नापाक  इरादे  , अब  तो मिट्टी में मिल जाय ||

"जय कुमार "

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