पूरा होगा अपना सपना , पूरे होगे अब अरमान |
घर घुसकर दहसतगर्दो के , तोड़ेंगे दुश्मन का मान ||
नालायक पर करो चड़ाई , दिल्ली से आया फरमान |
मिला सुअवसर कुछ करने का , बाँध लेव साजो सामान ||
भारत माँ के चरण पखारें , अपना जन्म सफल हो जाय |
खून के बदले खून लेंगे , दुश्मन को छोड़ेगे नाय ||
सिर पर कफन बाँधकर निकले , भारत माँ के वीर सपूत |
चले हिमालय की चोटी पे , दिख रहे यमराज के दूत ||
भारत के कोने कोने से , अपना जलवा रहे दिखाय |
आका के नापाक इरादे , अब तो मिट्टी में मिल जाय ||
"जय कुमार "
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