Mere Bhav
Tuesday, 23 June 2015
भरम हमारे
भरम हमारे सब .. टूट गये ।
दिल की दौलत वो लूट गये ।
यह रुत .... तन्हाई में बीती ,
उस रुत के साथी . रूठ गये ।।
"जय कुमार"20/06/15
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