Mere Bhav
Friday, 19 June 2015
टूटे ख्वाबों
टूटे ख्वाबों की ..... कसक ना रख ।
बिछड़ी राहों की....भनक ना रख ।
वक्त निकल गया.... गमों का अब ,
उलझे सवालों की सनक ना रख ।।
"जय कुमार"17/06/15
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