जो है पास में उसको कौन रोता है।
अपने खेत में बबूल कौन बोता है।
यहाँ जीवन से ही आशा है सभी को ,
वर्ना दोस्तो मुर्दा तो मौन होता है।
" जय कुमार "
अपने खेत में बबूल कौन बोता है।
यहाँ जीवन से ही आशा है सभी को ,
वर्ना दोस्तो मुर्दा तो मौन होता है।
" जय कुमार "
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