यह राजस्थान की भूमि ,
पालन करती वीरोँ का। . .
यहाँ पनपती है संस्कृति ,
जो सृजन करती हीरोँ का . .
पग पग पर महल कोठरी ,
जन जन मेँ वसी वीरता ,
इतिहास अधूरा हो जायेगा ,
इस भूमि के वीरोँ के बिन ,
मरुभूमि वंदन करती वीरोँ का . .
पृथ्वीराज से योध्दाओँ ने ,
इस धरा को खून से सीँचा था ,
राणा साँगा की वो तलवारेँ ,
अमर अमिट जीवन करती ,
लोहा लिया था जिनने ,
अन्याय की जंजीरोँ का . . .
उस राजपूतानी पन्ना को ,
इतिहास भुला ना पायेगा ,
जब वलिदान की बात चलेगी ,
पन्ना माँ का नाम दुहरायेगा ,
ममता का गला घोँटकर ,
सामना किया वक्त की लकीरोँ का . . .
महाराणा प्रताप की भुजाओँ ने ,
अपनी हिम्मत दिखलाई थी ,
अकबर भी कांप उठा था ,
राज भक्त की भक्ति देख ,
मुगल सेना भी घबराई थी ,
झुकना जिसने उचित ना समझा ,
भेष रखा था फकीरोँ का . . .
यह राजस्थान की धरती ,
वीरोँ की जहाँ फसल उपजती ,
अभिनंदन करती वीरोँ का . . .
अभिनंदन करती वीरोँ का . . .
अभिनंदन करती वीरोँ का . . .
"जय कुमार " १६/०९ /२०१३
पालन करती वीरोँ का। . .
यहाँ पनपती है संस्कृति ,
जो सृजन करती हीरोँ का . .
पग पग पर महल कोठरी ,
जन जन मेँ वसी वीरता ,
इतिहास अधूरा हो जायेगा ,
इस भूमि के वीरोँ के बिन ,
मरुभूमि वंदन करती वीरोँ का . .
पृथ्वीराज से योध्दाओँ ने ,
इस धरा को खून से सीँचा था ,
राणा साँगा की वो तलवारेँ ,
अमर अमिट जीवन करती ,
लोहा लिया था जिनने ,
अन्याय की जंजीरोँ का . . .
उस राजपूतानी पन्ना को ,
इतिहास भुला ना पायेगा ,
जब वलिदान की बात चलेगी ,
पन्ना माँ का नाम दुहरायेगा ,
ममता का गला घोँटकर ,
सामना किया वक्त की लकीरोँ का . . .
महाराणा प्रताप की भुजाओँ ने ,
अपनी हिम्मत दिखलाई थी ,
अकबर भी कांप उठा था ,
राज भक्त की भक्ति देख ,
मुगल सेना भी घबराई थी ,
झुकना जिसने उचित ना समझा ,
भेष रखा था फकीरोँ का . . .
यह राजस्थान की धरती ,
वीरोँ की जहाँ फसल उपजती ,
अभिनंदन करती वीरोँ का . . .
अभिनंदन करती वीरोँ का . . .
अभिनंदन करती वीरोँ का . . .
"जय कुमार " १६/०९ /२०१३
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