मेरी जिद है तुजपर मर मिटने की।
तेरी जिद है खुदपर मर मिटने की।
हम दोनों कि राहे अलग अलग है ,
पर दोनों कि जिद है मर मिटने की।
मेरी तेरी कहानी को नाम क्या दे।
अहसास जिन्दा है पहचान क्या दे।
मुजमें तू जिन्दा है तुजमे मै नहीं ,
फिर इस रिश्ते को अंजाम क्या दे।
मेरी मजबूरी ये नहीं कि तू दूऱ है।
मेरी मजबूरी ये नही कि तू मजबूर है।
लोग लांखो मिलते ज़माने कि राहों में ,
मेरी मजबूरी दिल को सिर्फ तू मंजूर है।
मेरी तेरी कहानी को नाम क्या दे।
अहसास जिन्दा है पहचान क्या दे।
मुजमें तू जिन्दा है तुजमे मै नहीं ,
फिर इस रिश्ते को अंजाम क्या दे।
मेरी मजबूरी ये नहीं कि तू दूऱ है।
मेरी मजबूरी ये नही कि तू मजबूर है।
लोग लांखो मिलते ज़माने कि राहों में ,
मेरी मजबूरी दिल को सिर्फ तू मंजूर है।
जब मेरी हरेक साँस पर नाम तेरा है ।
जब मेरी हरेक चीज पर हक़ तेरा है ।
क्यों ना सारे बंधन तोड़ एक हो जाएँ हम ,
अब तो मेरी रूह पर भी सिर्फ हक़ तेरा है ।
"जय कुमार "
"जय कुमार "
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