Mere Bhav
Tuesday, 9 September 2014
मुझे भूलकर
मुझे भूलकर याद करने का गुनाह ना कर ।
अपने ही इरादों को अब यूँ गुमराह ना कर ।
जख्म नासूर बन गये तेरी उल्फत में यारा ,
हरेक पल कुरेदकर इनकी परवाह ना कर ।।
"जय कुमार"06/09/14
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