अनुशासन की पाठशाला में ,
होता अनुशासन भंग है ।
दिन अँधेरा रातें जगमगाई ,
विरोधाभासों की जंग है ।
चेहरे मुस्कराते हर पल
मन में छाया गहरा सन्नाटा ,
भाषण व्यापकाता के करते ,
मगर होता दिल तंग है ।
होता अनुशासन भंग है ।
दिन अँधेरा रातें जगमगाई ,
विरोधाभासों की जंग है ।
चेहरे मुस्कराते हर पल
मन में छाया गहरा सन्नाटा ,
भाषण व्यापकाता के करते ,
मगर होता दिल तंग है ।
"जय कुमार"25/09/14
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