Sunday, 28 September 2014

मुकद्दर से

मुकद्दर से,,,,,, मिला दीजिए !
कोई तो अब सिला दीजिए !!

रुत फिर ,,,,,सुहानी आई है ,
मुख से परदा,, हटा दीजिए !

बर्बाद न हुआ ,,,,,,,अरसे से ,
मुझे आशिक ,,बना दीजिए !

सदियों से ,,,,,प्यासा दरिया ,
'जय' पानी ,,,,,पिला दीजिए !!

"जय कुमार"20/09/14

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