क्रोध के दहकते आँसू
खुशी के महकते आँसू
पराये दर्द से निकले जो
मोती से चमकते आँसू
गम में बरसते आँसू
आभाव में मुरझाते आँसू
कोई अपना मिले तो
प्यार में खिलते आँसू
बिरह में मचलते आँसू
स्नेहस्पर्श से हँसते आँसू
बनावटी प्रेम सहन ना
स्पर्शखुरदरा सिसकते आँसू
"जय कुमार"15/07/14
खुशी के महकते आँसू
पराये दर्द से निकले जो
मोती से चमकते आँसू
गम में बरसते आँसू
आभाव में मुरझाते आँसू
कोई अपना मिले तो
प्यार में खिलते आँसू
बिरह में मचलते आँसू
स्नेहस्पर्श से हँसते आँसू
बनावटी प्रेम सहन ना
स्पर्शखुरदरा सिसकते आँसू
"जय कुमार"15/07/14
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