शहर के जख्मों ने बस्ती याद दिला दी ।
वजूद के जख्मों ने हस्ती याद दिला दी ।
चेहरे बहुत देखे हमने जमाने के यारो ,
पीठ के जख्मों ने दोस्ती याद दिला दी ।
"जय कुमार"12/07/14
वजूद के जख्मों ने हस्ती याद दिला दी ।
चेहरे बहुत देखे हमने जमाने के यारो ,
पीठ के जख्मों ने दोस्ती याद दिला दी ।
"जय कुमार"12/07/14
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