चलो फिरसे जन्नत की सैर करें ।
किसी जीते हुए जीव की खैर करें ।
कब तक अहं का पोषण करेंगे हम ,
अंदर छुपे बैठे दुर्गुणों से बैर करें ।
"जय कुमार" 9/07/14
किसी जीते हुए जीव की खैर करें ।
कब तक अहं का पोषण करेंगे हम ,
अंदर छुपे बैठे दुर्गुणों से बैर करें ।
"जय कुमार" 9/07/14
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