कर्म धर्म का
खेल खेला जीवन
आत्मा अकेली
पुण्य पाप के
बीज बोते हम जो
पौधे मिलते
बहती नदी
नाव खेना होगा ही
पार पाना जो
मिटे अज्ञान
ज्ञान भास्कर उगे
जो जीवन में
पावक जल
एक होते हो तब
वायु जलती
"जय कुमार"9/07/14
खेल खेला जीवन
आत्मा अकेली
पुण्य पाप के
बीज बोते हम जो
पौधे मिलते
बहती नदी
नाव खेना होगा ही
पार पाना जो
मिटे अज्ञान
ज्ञान भास्कर उगे
जो जीवन में
पावक जल
एक होते हो तब
वायु जलती
"जय कुमार"9/07/14
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