खाईंयाँ गहरी बनी नजदीकियों के शहर में
चमक दमक की कालक पुत रही शहर में
इंसान का कद छोटा इमारतों का ऊँचा हुआ
दिलों में अँधेरा छाया अब रोशनी के शहर में
"जय कुमार"8/07/14
चमक दमक की कालक पुत रही शहर में
इंसान का कद छोटा इमारतों का ऊँचा हुआ
दिलों में अँधेरा छाया अब रोशनी के शहर में
"जय कुमार"8/07/14
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