Wednesday, 27 August 2014

"हाइकू"

"हाइकू"

होंठ बाँसुरी
कानन हो कुंड़ल 
मोहन मारो

गायन संग
वन में जो घूमत
माखन चोर

माखन चोर
गौवरधन धारी
कृष्ण मुरारी

रास रचाये
माखन चोरी खाये
मन मोहन

यशोदा प्यारो
नंदलाल कहायो
देवकी जायो


मन बसिया
रस रसिया कृष्ण
कण में बसा

कारे तन में
प्रेम को उजारो है
भक्ति में बसो

मोर मुकुट
मुरली के धारक
कृष्ण हमारो

गीता का ज्ञान
कर्म का भान करा
जन सम्भारो

"जय कुमार"20/08/14

No comments:

Post a Comment