हौंसलों को पर दिया करो ।
कभी अपने को जिया करो ।
जिंदगी जीना हो सम्मान से ,
थोड़ा थोड़ा ही पिया करो ।
खूब रंज पाले हो दिल में ,
बेवजह ही हँस लिया करो ।
जिससे मिले दिल को सुकूँ ,
काम वो भी कर लिया करो ।
चिराग अँधेरे से हारते नहीं ,
एक चिराग जला लिया करो ।
मौसम की रवानी को देखके ,
बूँदों में ही भीग लिया करो ।
जो दिल ना दे गवाही यार ,
काम हरगिज ना किया करो ।
रंग बदलती दुनिया में अब ,
एक पहचाँ बना लिया करो ।
इश्क याद आये महफिल में ,
अपने अश्क छुपा लिया करो ।
मुहब्बत की गैरत मर जाये ,
जज्जवात दबा लिया करो ।
गुल्सिता को हो जरुरत तेरी ,
हँसते हुए कुर्बानी दिया करो ।
सारे गमों को कह अलविदा ,
जिंदा दिली से जिया करो ।
"जय कुमार" 06/08/14
कभी अपने को जिया करो ।
जिंदगी जीना हो सम्मान से ,
थोड़ा थोड़ा ही पिया करो ।
खूब रंज पाले हो दिल में ,
बेवजह ही हँस लिया करो ।
जिससे मिले दिल को सुकूँ ,
काम वो भी कर लिया करो ।
चिराग अँधेरे से हारते नहीं ,
एक चिराग जला लिया करो ।
मौसम की रवानी को देखके ,
बूँदों में ही भीग लिया करो ।
जो दिल ना दे गवाही यार ,
काम हरगिज ना किया करो ।
रंग बदलती दुनिया में अब ,
एक पहचाँ बना लिया करो ।
इश्क याद आये महफिल में ,
अपने अश्क छुपा लिया करो ।
मुहब्बत की गैरत मर जाये ,
जज्जवात दबा लिया करो ।
गुल्सिता को हो जरुरत तेरी ,
हँसते हुए कुर्बानी दिया करो ।
सारे गमों को कह अलविदा ,
जिंदा दिली से जिया करो ।
"जय कुमार" 06/08/14
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