खंजर की नोक पर अमन पल रहा ।
बंजर जमीन पर गुलाब खिल रहा ।
बदनसीबी देखो उस वक्त की जब ,
खुदगर्जी से बेटा बाप से मिल रहा ।।
"जय कुमार"31/07/14
बंजर जमीन पर गुलाब खिल रहा ।
बदनसीबी देखो उस वक्त की जब ,
खुदगर्जी से बेटा बाप से मिल रहा ।।
"जय कुमार"31/07/14
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