कर्म है धर्म
कर्म पथ जो चला
कृष्णा को पाया
मन मंदिर
तन तीरथ हुआ
मन में कृष्णा
साँवला रुप
अहं विहीन होता
पावन जो है
अहं जो खोता
तिमिर नष्ट होता
मिलती मुक्ति
सृष्टि रचता
पालन जो करता
परम ब्रम्ह
"जय कुमार"19/08/14
कर्म पथ जो चला
कृष्णा को पाया
मन मंदिर
तन तीरथ हुआ
मन में कृष्णा
साँवला रुप
अहं विहीन होता
पावन जो है
अहं जो खोता
तिमिर नष्ट होता
मिलती मुक्ति
सृष्टि रचता
पालन जो करता
परम ब्रम्ह
"जय कुमार"19/08/14
No comments:
Post a Comment