बचपन में कागज की कश्ती से खेलते रहे
जवानी में जमाने की मस्ती से खेलते रहे
एक दौर आया जब साथ छोड़ने लगा तन
आभास हुआ वजूद की हस्ती से खेलते रहे
"जय कुमार"30/07/14
जवानी में जमाने की मस्ती से खेलते रहे
एक दौर आया जब साथ छोड़ने लगा तन
आभास हुआ वजूद की हस्ती से खेलते रहे
"जय कुमार"30/07/14
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