नेकी बदी अपने आप से
साँझा कीजिये
जीवन की हर घड़ी को बाँदा कीजिये
दर्पण ना देखे तो धूल जमा हो जाती
नित अपने आप को भी माँझा कीजिये
"जय कुमार"29/07/14
जीवन की हर घड़ी को बाँदा कीजिये
दर्पण ना देखे तो धूल जमा हो जाती
नित अपने आप को भी माँझा कीजिये
"जय कुमार"29/07/14
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