Tuesday, 5 August 2014

नेकी बदी अपने

नेकी बदी अपने आप से साँझा कीजिये
जीवन की हर घड़ी को बाँदा कीजिये
दर्पण ना देखे तो धूल जमा हो जाती
नित अपने आप को भी माँझा कीजिये

"जय कुमार"29/07/14

No comments:

Post a Comment