चलो गगन में गमन करें , गमगीन ना हो ।
चलो चमन में चगन करें , अर्थहीन ना हो ।
जिया हमने बिन उद्श्योँ का यह जीवन ,
चलो चलन में चलन करें , लक्ष्यहीन ना हो ।।
मन मोहताज कहाँ , मोहलतों का यहाँ यारो ।
मन मोहताज कहाँ , सोहरतों का यहाँ यारो ।
यह आजाद परिंद्रा बंदिशे ना रोक पाँई ,
मन मोहताज कहाँ , हसरतों का यहाँ यारो ।।
"जय कुमार" 29/03/2014
चलो चमन में चगन करें , अर्थहीन ना हो ।
जिया हमने बिन उद्श्योँ का यह जीवन ,
चलो चलन में चलन करें , लक्ष्यहीन ना हो ।।
मन मोहताज कहाँ , मोहलतों का यहाँ यारो ।
मन मोहताज कहाँ , सोहरतों का यहाँ यारो ।
यह आजाद परिंद्रा बंदिशे ना रोक पाँई ,
मन मोहताज कहाँ , हसरतों का यहाँ यारो ।।
"जय कुमार" 29/03/2014
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