चले थे चमन को कल चहकाने वो दीवाने ।
चले थे चारों ओर चाहत बढ़ाने वो दीवाने ।
मशगूल हो गये हम याद भी ना रहे अब वो ,
चले थे चमन को चार चाँद लगाने वो दीवाने ।
"जय कुमार" 24/03/2014
चले थे चारों ओर चाहत बढ़ाने वो दीवाने ।
मशगूल हो गये हम याद भी ना रहे अब वो ,
चले थे चमन को चार चाँद लगाने वो दीवाने ।
"जय कुमार" 24/03/2014
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