हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक पशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
कृष्ण तुम्हारी गैया कटती , शिव का नंदी घायल है
गौमाता के आँखों में आँसु , लहू से लथपथ आँचल है
दूध दही की नदिया सूखी , अब कर्त्तव्य निभाना होगा
हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक मूंपशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
अनाचार और दुराचार से , पीड़ित पर्यावरण हुआ
मानव नीति भूल चला है , मानवता का क्षरण हुआ
देश धर्म के खातिर अब , क्रांति बिगुल बजाना होगा
हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक पशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
माता की मूक कराह क्यों , तुम्हे सुनाई देती नहीं
देखकर अनाचार जवानी , क्यों अंगड़ाई लेती नहीं
दूध कीमत भुला चुके हो , कर्ज तुम्हे चुकाना होगा
हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक पशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
हिन्दुस्तान की धरती पर , क़त्लखाने सरेआम है
मूक पशुओ की यूं हत्या , सर पर हमारे इल्जाम है
खून बहाकर अपना अब , गौमाता को बचाना होगा
हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक पशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
"जय कुमार "१६/०९ /१५
मूँक पशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
कृष्ण तुम्हारी गैया कटती , शिव का नंदी घायल है
गौमाता के आँखों में आँसु , लहू से लथपथ आँचल है
दूध दही की नदिया सूखी , अब कर्त्तव्य निभाना होगा
हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक मूंपशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
अनाचार और दुराचार से , पीड़ित पर्यावरण हुआ
मानव नीति भूल चला है , मानवता का क्षरण हुआ
देश धर्म के खातिर अब , क्रांति बिगुल बजाना होगा
हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक पशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
माता की मूक कराह क्यों , तुम्हे सुनाई देती नहीं
देखकर अनाचार जवानी , क्यों अंगड़ाई लेती नहीं
दूध कीमत भुला चुके हो , कर्ज तुम्हे चुकाना होगा
हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक पशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
हिन्दुस्तान की धरती पर , क़त्लखाने सरेआम है
मूक पशुओ की यूं हत्या , सर पर हमारे इल्जाम है
खून बहाकर अपना अब , गौमाता को बचाना होगा
हिंसा से धरती थर्राये , अहिंसक राज्य लाना होगा
मूँक पशुओं की सुन पुकार , वीर तुम्हे आना होगा
"जय कुमार "१६/०९ /१५
No comments:
Post a Comment