अपने ही गुलशन में हम ,
आओ आग लगायें आज !
आरक्षण कि माँग करें हम ,
अपना चमन उजाड़े आज !!
आओ आग लगायें आज !
आरक्षण कि माँग करें हम ,
अपना चमन उजाड़े आज !!
जितना तुम हुड़दंग करोगे !
झोली उतनी , खूब भरोगे !
जातिये शक्ति दिखाकर के ,
फूट का बिगुल बजायें आज !!
झोली उतनी , खूब भरोगे !
जातिये शक्ति दिखाकर के ,
फूट का बिगुल बजायें आज !!
आरक्षण कि माँग करें हम ,
अपना चमन उजाड़े आज !!
बँट जाओ तुम चारों ओर !
निकलेगी खुशियों की भोर !
तोड़ फोड़ के आग लगा के ,
भारत का सर झुकायें आज !!
आरक्षण कि माँग करें हम ,
अपना चमन उजाड़े आज !
भारत माँ के आँसु पीकर !
मिट्टी के दर्दो पर जीकर !
राष्ट धर्म के चिथड़े करके ,
अपना काम बनाये आज !!
आरक्षण की माँग करें हम ,
अपना चमन उजाड़े आज !!
कोई उँचा ,,,,,,, कोई नीचा !
कोई पिछड़ा कोई अगड़ा !
भारतीय दिखता न कोई ,
आओ चलन बिगाड़े आज !!
आरक्षण की माँग करें हम ,
अपना चमन उजाड़े आज !!
"जय कुमार"27/08/15
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