अधलिखे गीत गुनगुनाना चाहते हैं !
खोटे सिक्के हम ,,,चलाना चाहते हैं !!
खोटे सिक्के हम ,,,चलाना चाहते हैं !!
खूंखार चेहरा ,,,,,,,,,,,आइने में देखते !
मुखौटा जगत को दिखाना चाहते हैं !!
कमजोर को दबाकर मजबूत बनते !
जंगली कानून,,,,,, शहरों में आ गया !
मजलूम को सब ,,,,,,दबाना चाहते है !!
"जय कुमार"
डर को अपने हम,, छुपाना चाहते हैं !!
भीड़ में बैठे बनकर ,,,समाज सेवक !
विज्ञापन अपना ,,,,,कराना चाहते है !!
जंगली कानून,,,,,, शहरों में आ गया !
मजलूम को सब ,,,,,,दबाना चाहते है !!
इसकी टोपी उसके सर रखकर यारो !
होशियारी अपनी ,,,,बताना चाहते है !!
होशियारी अपनी ,,,,बताना चाहते है !!
"जय कुमार"
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