Mere Bhav
Saturday, 12 September 2015
मेरी रंगत
मेरी रंगत नहीं . . . नगीने में ।
क्या रखा खैरात की पीने में ।
मेरी मेहनत ... मुझे प्यारी है ,
मैं खुश हूँ खुशबु ए पसीने में ।।
"जय कुमार"25/07/15
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment