Saturday, 12 September 2015

मन की बात कहते

मन की बात कहते ही , मनमानी कर जात ।
भोले आम लोगों को ,,,, बातन से बहलात ।।
छोटे छोटे नाम के , बड़े बड़े प्रचार ।
सीधे सीधे काम के , बड़े बड़े औजार ।।
अच्छे दिन की चाह में , दिखती ना थी खोट ।
सपथ ली काले धन की ,,,, दे आये हम वोट ।।
फुल पावर में आ गये , पाँच साल ना आँच ।
फौलाद जरूरी नहीं , रक्षा करे अब काँच ।।
भैंस तुमारी हो गई ,,,,, लाठी दी पकड़ाय ।
जहाँ तुम ले जाओ जी , देश वहीं पर जाय ।।
"जय कुमार"11/08/15

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