मन मीत की चाहत , कहाँ तक ले गई ।
प्रीत रीत निभाते हम , जहाँ तक ले गई ।
राहत की आस लगाते रहे हम यारो ,
आस की आशा थी , वहाँ तक ले गई ।
"जय कुमार" 26/04/14
प्रीत रीत निभाते हम , जहाँ तक ले गई ।
राहत की आस लगाते रहे हम यारो ,
आस की आशा थी , वहाँ तक ले गई ।
"जय कुमार" 26/04/14
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