Mere Bhav
Monday, 12 May 2014
जीतकर
जीतकर भी हारा सा लगा कभी ।
पाकर भी खोया सा लगा कभी ।
कुछ अजीब खेल है जिंदगी का ,
मुनाफे में भी ठगा सा लगा कभी ।
"जय कुमार" 10/05/14
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