बचपन से ही हाथों में फफोले मिले ।
जवानी मे बोझ से लदे ठेले मिले ।
दो पन बीत गये राहत ना मिली ,
बुढ़ापे में भी मेहनत के मेले मिले ।
"जय कुमार" 01/05/14
जवानी मे बोझ से लदे ठेले मिले ।
दो पन बीत गये राहत ना मिली ,
बुढ़ापे में भी मेहनत के मेले मिले ।
"जय कुमार" 01/05/14
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