शक वो बीज है जो काँटो को जन्म देता है ।
फलते फूलते रिस्तों को ये निगल लेता है ।
रिस्तों की डोर बड़ी नाजुक होती मित्रो ,
ये भरम के नाजुक रेशों को लील लेता है ।
"जय कुमार" 28/04/14
फलते फूलते रिस्तों को ये निगल लेता है ।
रिस्तों की डोर बड़ी नाजुक होती मित्रो ,
ये भरम के नाजुक रेशों को लील लेता है ।
"जय कुमार" 28/04/14
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